
दिल्ली, भारत में इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित इस विशेष समारोह के दौरान, श्री प्रेम रावत जी को उनके 58 वर्षों के अथक प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया। श्री प्रेम रावत जी पिछले 58 वर्षो से दुनिया भर से लोगों का मार्गदर्शन कर रहे हैं। एक शिक्षक होने के नाते, आत्म-ज्ञान द्वारा हम कैसे परमानंद का अनुभव कर सकते हैं, इस विषय में वे व्यावहारिक तरीके भी साझा करते हैं।
उन्होंने इन वर्षों में दुनिया भर के लोगों को आत्म-ज्ञान के माध्यम से पूर्णता का अनुभव करने के लिए शिक्षा और मार्गदर्शन दिया है।
स्टेडियम में उपस्थित दर्शकों के अलावा, टाइमलेस टुडे® की वेबसाइट और ऐप्प पर तथा 19,870 आभासिक दर्शक प्रेम रावत जी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल द्वारा इस समारोह में शामिल हुए।

दिल्ली, भारत में इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित इस विशेष समारोह के दौरान, श्री प्रेम रावत जी को उनके 58 वर्षों के अथक प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया। श्री प्रेम रावत जी पिछले 58 वर्षो से दुनिया भर से लोगों का मार्गदर्शन कर रहे हैं। एक शिक्षक होने के नाते, आत्म-ज्ञान द्वारा हम कैसे परमानंद का अनुभव कर सकते हैं, इस विषय में वे व्यावहारिक तरीके भी साझा करते हैं।
उन्होंने इन वर्षों में दुनिया भर के लोगों को आत्म-ज्ञान के माध्यम से पूर्णता का अनुभव करने के लिए शिक्षा और मार्गदर्शन दिया है।
स्टेडियम में उपस्थित दर्शकों के अलावा, टाइमलेस टुडे® की वेबसाइट और ऐप्प पर तथा 19,870 आभासिक दर्शक प्रेम रावत जी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल द्वारा इस समारोह में शामिल हुए।

श्री प्रेम रावत जी ने 15 जून, 2024 को स्पेन के बार्सेलोना में अपने भाषण के दौरान जीवन और वास्तविक खुशी के विषयों पर अपने ताज़ा दृष्टिकोण के साथ सहजता से कई बातें बताईं।
दिल से एक दूसरे की बात सुनना, हमें मतभेदों और विभाजित कर सकने वाले किसी भी मुद्दे से परे ले जाता है।
और इस विषय पर श्री प्रेम रावत जी के विचार जो उन्होंने बार्सेलोना में व्यक्त किये थे अब आप अपनी क्लासिक या प्रीमियर सदस्यता के साथ सुविधानुसार कभी भी देख या सुन सकते हैं।

श्री प्रेम रावत जी ने 15 जून, 2024 को स्पेन के बार्सेलोना में अपने भाषण के दौरान जीवन और वास्तविक खुशी के विषयों पर अपने ताज़ा दृष्टिकोण के साथ सहजता से कई बातें बताईं।
दिल से एक दूसरे की बात सुनना, हमें मतभेदों और विभाजित कर सकने वाले किसी भी मुद्दे से परे ले जाता है।
और इस विषय पर श्री प्रेम रावत जी के विचार जो उन्होंने बार्सेलोना में व्यक्त किये थे अब आप अपनी क्लासिक या प्रीमियर सदस्यता के साथ सुविधानुसार कभी भी देख या सुन सकते हैं।

29 जून, 2024 को ऐथेंस, ग्रीस लौटते हुए, श्री प्रेम रावत ने श्रोताओं से पूछा कि हजारों वर्षों से मानव जाति के साथ अक्लमंदी साझा करने के बावजूद, यह अक्लमंदी मानव जाति को प्रभावित और परिवर्तित करने में सक्षम क्यों कर पाई।
उन्होंने बताया कि डर, ईर्ष्या और संदेह अक्सर हृदय के गुणों को समझने में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा, "इसके लिए साहस की आवश्यकता होती है।"
उस हृदय का पोषण करें जो दयालुता और मानवता के बीज बोता है, जो हर मनुष्य में जन्म से ही मौजूद होते हैं।
ये बीज खुद नहीं बोए जा सकते, लेकिन एक बार बोए जाने के बाद, इनमें वह सब कुछ होता है जो एक व्यक्ति को पनपने और वह बनने के लिए चाहिए जो वह बनना चाहता है।
अब आप क्लासिक या प्रीमियर सदस्यता के साथ, सुविधानुसार ऐथेंस, ग्रीस का पुनः प्रसारण हिंदी अनुवाद के साथ देख या सुन सकते हैं।
आगामी सीधा प्रसारणों के विषय में सूचित रहेना चाहते हैं? टाइमलेस टुडे की मेलिंग सूची से जुड़ें।
अथवा WhatsApp चैनल के लिए इस लिंक पर जाएं और हमें फॉलो करें।

29 जून, 2024 को ऐथेंस, ग्रीस लौटते हुए, श्री प्रेम रावत ने श्रोताओं से पूछा कि हजारों वर्षों से मानव जाति के साथ अक्लमंदी साझा करने के बावजूद, यह अक्लमंदी मानव जाति को प्रभावित और परिवर्तित करने में सक्षम क्यों कर पाई।
उन्होंने बताया कि डर, ईर्ष्या और संदेह अक्सर हृदय के गुणों को समझने में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा, "इसके लिए साहस की आवश्यकता होती है।"
उस हृदय का पोषण करें जो दयालुता और मानवता के बीज बोता है, जो हर मनुष्य में जन्म से ही मौजूद होते हैं।
ये बीज खुद नहीं बोए जा सकते, लेकिन एक बार बोए जाने के बाद, इनमें वह सब कुछ होता है जो एक व्यक्ति को पनपने और वह बनने के लिए चाहिए जो वह बनना चाहता है।
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