
25 अगस्त, 2024 को फिजी के नांदी में लाइव श्रोताओं को संबोधित करते हुए, श्री प्रेम रावत जी ने अपने अनुभव और कुछ कहानियाँ साझा करते चर्चा की कि वास्तव में एक मनुष्य को क्या संतुष्ट करता है और आज की दुनिया में इसे कैसे प्राथमिकता दी जाए।
यह संबोधन, रेडियो और टीवी प्रस्तुता एरिका गौनावौ द्वारा उनके साक्षात्कार (इंटरव्यू) के साथ, अब क्लासिक और प्रीमियर सदस्यों के लिए उपलब्ध है। सुविधानुसार आनंद लें।
आपकी टाइमलेस टुडे की सदस्यता - प्रीमियर (वीडियो) या क्लासिक (ऑडियो) - के साथ आपको श्री प्रेम रावत जी की सभी प्रीमियम विषयवस्तु प्रविष्टि प्राप्त होगी, जिसमें सीधे प्रसारण, पुनः प्रसारण, लोकप्रिय श्रृंखला और बहुभाषी सामग्री शामिल है।

25 अगस्त, 2024 को फिजी के नांदी में लाइव श्रोताओं को संबोधित करते हुए, श्री प्रेम रावत जी ने अपने अनुभव और कुछ कहानियाँ साझा करते चर्चा की कि वास्तव में एक मनुष्य को क्या संतुष्ट करता है और आज की दुनिया में इसे कैसे प्राथमिकता दी जाए।
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श्री प्रेम रावत जी ने यूनाइटेड किंगडम में पहली बार 1971 में ग्लैस्टनबरी के पिरामिड स्टेज पर अपने विचार व्यक्त किए थे। तब से वह अक्सर यूनाइटेड किंगडम में आते रहे हैं। अब, लगभग 53 साल बाद, 8 जून, 2024 को, उन्होंने ब्राइटन में फिर से अपना अनोखा, सम्मोहक और हृदयस्पर्शी संदेश साझा किया।
जीवन का आनंद लेने और इसे समझने की कला पर एक बार फिर ध्यान केंद्रित करते हुए उन्होंने कहा कि, हालांकि हम जीवन को थाम नहीं रख सकते, लेकिन हम उससे मिलने वाले आनंद को संजो सकते हैं। चाहे हम लगातार बदलती तकनीकों से जूझ रहे हों या दुनिया में हो रही घटनाओं से घबरा रहे हों, हम अपना विवेक जगा सकते हैं और अपने समय का सदुपयोग कर सकते हैं।
अब आप अपनी क्लासिक या प्रीमियर सदस्यता द्वारा हिंदी अनुवाद सहित, सुविधानुसार ब्राइटन कार्यक्रम का पुनः प्रसारण देख या सुन सकते हैं।

श्री प्रेम रावत जी ने यूनाइटेड किंगडम में पहली बार 1971 में ग्लैस्टनबरी के पिरामिड स्टेज पर अपने विचार व्यक्त किए थे। तब से वह अक्सर यूनाइटेड किंगडम में आते रहे हैं। अब, लगभग 53 साल बाद, 8 जून, 2024 को, उन्होंने ब्राइटन में फिर से अपना अनोखा, सम्मोहक और हृदयस्पर्शी संदेश साझा किया।
जीवन का आनंद लेने और इसे समझने की कला पर एक बार फिर ध्यान केंद्रित करते हुए उन्होंने कहा कि, हालांकि हम जीवन को थाम नहीं रख सकते, लेकिन हम उससे मिलने वाले आनंद को संजो सकते हैं। चाहे हम लगातार बदलती तकनीकों से जूझ रहे हों या दुनिया में हो रही घटनाओं से घबरा रहे हों, हम अपना विवेक जगा सकते हैं और अपने समय का सदुपयोग कर सकते हैं।
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29 सितंबर, 2024 को न्यू ज़ीलैंड के ऑकलैंड में श्री प्रेम रावत जी के साथ एक सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 613 अतिथियों ने भाग लिया और दुनिया भर में सीधे प्रसारण द्वारा 10,000 दर्शकों को आकर्षित किया। माओरी सम्प्रदाय के प्रमुख़ो के स्वागत के साथ सभा की शुरुआत हुई, जिसमें भूमि के संरक्षक के रूप में उनकी भूमिका का सम्मान किया और आयोजन के लिए आभार व्यक्त किया गया।
श्री प्रेम रावत जी ने संभावना के क्षणों के महत्व पर चर्चा की, जो हर मनुष्य के पास रोज़ाना शांति का अनुभव करने के लिए होती है। उन्होंने 'वर्तमान' में जीने के भ्रम और सांस की शक्ति के द्वारा हमें वर्तमान में वापस लाने की बात की।

29 सितंबर, 2024 को न्यू ज़ीलैंड के ऑकलैंड में श्री प्रेम रावत जी के साथ एक सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 613 अतिथियों ने भाग लिया और दुनिया भर में सीधे प्रसारण द्वारा 10,000 दर्शकों को आकर्षित किया। माओरी सम्प्रदाय के प्रमुख़ो के स्वागत के साथ सभा की शुरुआत हुई, जिसमें भूमि के संरक्षक के रूप में उनकी भूमिका का सम्मान किया और आयोजन के लिए आभार व्यक्त किया गया।
श्री प्रेम रावत जी ने संभावना के क्षणों के महत्व पर चर्चा की, जो हर मनुष्य के पास रोज़ाना शांति का अनुभव करने के लिए होती है। उन्होंने 'वर्तमान' में जीने के भ्रम और सांस की शक्ति के द्वारा हमें वर्तमान में वापस लाने की बात की।